Breaking News

रामलीला प्रकरण: पुलिस की स्वरचित कहानी में लोचा

अध्यक्ष समेत समिति के 15 अज्ञात पर पुलिस ने दर्ज कराया है मुकदमा

जौनपुर।

शाहगंज रामलीला मैदान पर अतिक्रमण को लेकर प्रशासन, अतिक्रमणकारी व समिति के पदाधिकारियों के बीच चली रस्साकशी में पुलिस की भूमिका संदेहास्पद हो गयी। पुलिस द्वारा समिति के अध्यक्ष व अज्ञात पदाधिकारियों पर दर्ज किया गया मुकदमा प्रशासन की कहानी को आइना दिखा रहा। अध्यक्ष शयामजी गुप्ता द्वारा सार्वजनिक की गयी एफआईआर की प्रतियां काफी चर्चा में हैं।

बताते चलें कि रामलीला मैदान पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर त्योहारों के दरमियान समिति के लोगों व प्रशासनिक अधिकारियों के बीच मनमुटाव बना रहा। अतिक्रमणकारियों को शह देने का पुलिस पर आरोप भी लगा। उक्त प्रकरण से नाराज समिति के लोगों को एक दिन लीला मंचन भी स्थगित करने को मजबूर होना पङा।
दशहरा मेला पर दूर-दराज से आई दुकानों को लगाने से मना करने पर अध्यक्ष श्याम जी गुप्ता द्वारा पुलिस को तहरीर दी गयी। काफी मुकदमा दर्ज करने में आना-कानी करने पर 25 सितम्बर को अध्यक्ष व पदाधिकारियों ने कोतवाली चौक पर जाम लगा दिया, जो पूरी रात चलता रहा। दूसरे दिन दोपहर में भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील कुमार उपाध्याय ने लोगों को समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया। मामले में पुलिस ने जो कहानी बनाई सबकुछ तो ठीक रहा। लेकिन घटना की तिथि को लेकर मात खा गयी पुलिस।

समिति के अध्यक्ष व पांच अज्ञात पर पुलिस ने मिथिलेश चौहान पुत्र राम सूरत की तहरीर पर मामला दर्ज किया। जिसमें वादी मुकदमा ने आरोप लगाया कि 25 सितम्बर की देर रात अध्यक्ष पांच बदमाशों को लेकर घर में घुसे महिलाओं को मारा पीटा, जमीन न छोङने पर जान से मारने की धमकी दी। उक्त मुकदमा पुलिस ने दो अक्टूबर को दर्ज किया। इसी दिन कोतवाल नरेन्द्र प्रसाद की तहरीर पर जो मामला दर्ज हुआ है उसमें आरोप है कि 26 सितम्बर को अध्यक्ष श्याम जी गुप्ता 10-15 साथियों के साथ थाने पहुंचे, जो प्रशासन पर असहयोग का आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी की। समझाने पर पुलिस के साथ अभद्रता करते हुए कोतवाली चौक पर जाम लगा दिया। पूरी रात से दूसरे दिन तक चले जाम से नगर में तनाव फैल गया। लोगों में दहशत का माहौल हो गया। पुलिस ने दोनों मामले एक ही दिन दो अक्टूबर को दर्ज किया।

सवाल ये उठता है कि जब रामलीला समिति के लोग थाने के भीतर घुसकर नारेबाजी और पुलिस बल से अभद्रता करने के छह दिन बाद मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। तो आम जनता का हाल सोचने के लायक है। पुलिस ने अपनी कहानी में घटना 26-27 सितम्बर दर्ज किया। जबकि सङक जाम की घटना 25-26 सितम्बर की है। फिलहाल उक्त मामले पर पुलिस प्रशासन का कोई जिम्मेदार कुछ भी बोलने से कतरा रहा है।

About ekhlaquekhan

x

Check Also

नही रहे महाकवि गोपालदास नीरज

एखलाक खान expresssamachar.com   हिंदी ...

सरकारी तंत्र की उपेक्षा कहीं प्राइवेट हाथों में देने की साजिश तो नहीं?

शाहगंज (जौनपुर) गुलाम साबिर expresssamachar.com ...

शशि थरूर का विवादित बयान और “हिन्दू पाकिस्तान”

फज़लूर्रहमान शैख़ expresssamachar.com पूर्व केन्द्रीय ...

स्वच्छ भारत अभियान को पलीता लगाता स्वास्थ्य महकमा

शाहगंज (जौनपुर) गुलाम साबिर expresssamachar.com ...

सचिन और धोनी से भी ज्यादा संघर्ष की भट्ठी में तपे लड़के की कहानी

नई दिल्ली। नवनीत मिश्रा Expresssamachar.com ...

%d bloggers like this: