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: जनसुनवाई बनी औपचारिकता, ग्रामीण ने दिया जन सुनवाई बंद करने का आवेदन

Arif Khan / Tue, Jan 20, 2026 / Post views : 270

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आरिफ खान, आगर मालवा। जिले में प्रति मंगलवार आयोजित होने वाली जनसुनवाई को बंद किए जाने की मांग को लेकर ग्राम बापचा निवासी प्रेम नारायण यादव ने आवेदन सौंपा है। आवेदक का कहना है कि जनसुनवाई में आम जनता की समस्याओं का समय पर निराकरण नहीं हो पा रहा है, जिससे लोगों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ रही है। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि जनसुनवाई में अधिकांशतः मध्यम वर्ग और गरीब लोग अपनी शिकायतें लेकर आते हैं, लेकिन अधिकारियों या जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति के कारण उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता। किसान और ग्रामीण अपनी रोज़मर्रा की मजदूरी छोड़कर तथा किराया खर्च कर जनसुनवाई में पहुंचते हैं, लेकिन जब उन्हें न्याय नहीं मिलता तो उन्हें मानसिक और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। [caption id="attachment_5091" align="aligncenter" width="578"] ग्रामीण द्वारा दिया आवेदक[/caption] प्रेम नारायण यादव ने कहा कि जिला स्तर पर आवेदन देने के बाद भी कई मामलों में कोई कार्रवाई नहीं होती। जनसुनवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है, जबकि यदि अधिकारी अपने कार्यालयों में नियमित रूप से कार्य करें तो जनसुनवाई की आवश्यकता ही नहीं पड़े। आवेदक ने कलेक्टर से निवेदन किया है कि पूर्व में हुई जनसुनवाइयों के आवेदनों की समीक्षा कर यह देखा जाए कि कितने मामलों का वास्तव में निराकरण हुआ है। साथ ही जनहित को ध्यान में रखते हुए जनसुनवाई की व्यवस्था को बंद करने पर विचार किया जाए। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मांग पर क्या रुख अपनाता है और जनसुनवाई व्यवस्था में कोई बदलाव किया जाता है या नही।

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