January 15, 2026 |
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आगर मालवा जिला अस्पताल में कथित लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत, परिजनों में आक्रोश

Express Samachar

आरिफ खान, आगर मालवा। जिला अस्पताल आगर एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। डिलीवरी के लिए लाई गई एक गर्भवती महिला और उसके नवजात की मौत के बाद चिकित्सकीय लापरवाही के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस हृदयविदारक घटना ने न केवल एक परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया, बल्कि सरकारी अस्पतालों में दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की वास्तविक स्थिति को भी उजागर कर दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बड़ागांव निवासी यास्मीन पति इक़बाल (31) को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में पदस्थ महिला चिकित्सक डॉ. शीतल मालवीय द्वारा डिलीवरी कराई गई, लेकिन इस दौरान आवश्यक सावधानियां नहीं बरती गईं और समय पर उचित उपचार नहीं मिला। परिजनों का कहना है कि लापरवाही के चलते पहले नवजात की मौत हुई और इसके कुछ समय बाद महिला ने भी दम तोड़ दिया।मां और नवजात की मौत की खबर फैलते ही अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी और कोहराम मच गया। आक्रोशित परिजनों ने जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा।

घटना की जानकारी मिलते ही एनएसयूआई के राष्ट्रीय महासचिव अंकुश भटनागर भी कार्यकर्ताओं के साथ जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने इसे स्पष्ट रूप से चिकित्सकीय लापरवाही का मामला बताते हुए दोषी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

वहीं दूसरी ओर महिला चिकित्सक डॉ. शीतल मालवीय ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने थाना प्रभारी को दिए आवेदन में कहा कि डिलीवरी से पहले ही गर्भ में शिशु की मृत्यु हो चुकी थी, जबकि महिला की मौत बाद में हुई। उनका दावा है कि उपचार पूरी तरह नियमानुसार किया गया और किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं हुई।मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन हरकत में आया है। प्रभारी सिविल सर्जन विजय सागरिया ने बताया कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल मां और नवजात की मौत से जिले भर में आक्रोश का माहौल है। परिजन न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं, वहीं आमजन यह सवाल उठा रहा है कि आखिर कब तक सरकारी अस्पतालों में लापरवाही का यह सिलसिला जारी रहेगा और जिम्मेदारों पर ठोस कार्रवाई कब होगी।


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