Arif Khan / Tue, Nov 11, 2025 / Post views : 58
सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने विद्युत वितरण कंपनी और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
किसानों की सर्वप्रमुख मांग है कि उन्हें कृषि फीडरों पर नियमित रूप से एक साथ 10 घंटे बिजली की सप्लाई दी जाए, ताकि वे समय पर और समुचित रूप से अपनी फसलों की सिंचाई कर सकें।
चक्का जाम की सूचना मिलते ही यातायात प्रभारी सूबेदार जगदीश यादव और विद्युत विभाग के अधिकारी मौके पर पहुँचे। अधिकारियों ने किसानों को शांत करने का प्रयास किया और उन्हें बेहतर विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया काफी देर तक चली समझाइश और आश्वासन के बाद किसानों ने मार्ग से जाम हटाया, जिससे आवागमन सामान्य हो सका।
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