Arif Khan / Tue, Feb 3, 2026 / Post views : 37
चादरपोशी के बाद काज़ी ज़िया उल हक साहब ने शबे बरात की फज़ीलत और इसकी अहमियत पर विस्तार से रोशनी डाली। दरगाह परिसर में पूरी रात शांति, श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।
इस मौके पर समाज के विभिन्न वर्गों के लोग मौजूद रहे। सभी ने बाबा के दरबार में माथा टेककर अपनी-अपनी मुरादें मांगीं। आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
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