पॉलिटेक्निक कॉलेज में बोरवेल रेस्क्यू और भगदड़ नियंत्रण का सफल मॉकड्रिल

आरिफ खान, आगर मालवा। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) भोपाल और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशानुसार, आज जिला कलेक्टर प्रीति यादव के मार्गदर्शन में स्थानीय पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में दो महत्वपूर्ण मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और तत्परता को परखना था।
मॉकड्रिल की शुरुआत बोरवेल आपदा बचाव के जीवंत प्रदर्शन से हुई। इसमें एक दृश्य तैयार किया गया जिसमें एक बच्चा बोरवेल में गिर जाता है। एसडीआरएफ, होमगार्ड और पुलिस की टीमों ने स्थानीय संसाधनों का उपयोग करते हुए त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। घायल बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालकर स्ट्रेचर के माध्यम से एम्बुलेंस तक पहुँचाने की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया।
दोपहर में सार्वजनिक कार्यक्रमों या प्रदर्शनों के दौरान होने वाली भगदड़ और अशांति को नियंत्रित करने का मॉकड्रिल हुआ। इसमें दिखाया गया कि कैसे असामाजिक तत्वों द्वारा पत्थरबाजी या आगजनी जैसी स्थिति पैदा होने पर पुलिस और प्रशासन अपनी सूझबूझ से भीड़ को नियंत्रित करते हैं। फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाने और पुलिस ने कानून-व्यवस्था बहाल करने का सफल प्रदर्शन किया।
इस मॉकड्रिल में इन्सीडेंस रिस्पॉन्स टीम (IRT) के 40 सदस्यों सहित पॉलिटेक्निक कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। मॉकड्रिल में मुंबई के ‘संकट मोचन बल बाम्बे’ के विशेषज्ञ एस.डी. फणसलकर, मोहम्मद इमरान अहमद और देवीदास पाटिल द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
डिस्ट्रिक्ट कमाण्डेंट विक्रम सिंह के नेतृत्व में नगर पालिका, मेडिकल टीम और होमगार्ड की टुकड़ियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के अंत में प्लाटून कमाण्डर कविता सोलंकी ने सभी टीमों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने भविष्य में किसी भी आपदा के समय इसी प्रकार के समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया ताकि जनहानि को न्यूनतम किया जा सके।

