Arif Khan / Tue, Oct 20, 2026 / Post views : 13
आगर मालवा। राष्ट्रीय बौद्ध महासभा जिला शाखा आगर मालवा द्वारा अशोक विजयादशमी एवं धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान बंजारिया हाउस स्थित बुद्ध विहार में भगवान तथागत गौतम बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष बुद्ध वंदना, त्रिशरण एवं पंचशील का पाठ कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इसके पश्चात नरवल रोड स्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष विचार संगोष्ठी आयोजित की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहब डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की गई। इस अवसर पर उपस्थित महिला उपासिकाओं श्रीमती कमला देवी सिंह एवं श्रीमती कृष्णा मेवाड़ा का स्वागत किया गया।
सम्राट अशोक ने अपनाया था धम्म का मार्ग
महासभा के जिला अध्यक्ष के.के. बौद्ध ने संगोष्ठी के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सम्राट अशोक ने कलिंग युद्ध में हुए भीषण रक्तपात और हिंसा से आहत होकर भगवान तथागत बुद्ध के अहिंसा एवं करुणा पर आधारित धम्म मार्ग को अपनाया तथा उसके प्रचार-प्रसार का ऐतिहासिक निर्णय लिया। इसी ऐतिहासिक विरासत की स्मृति में अशोक विजयादशमी एवं धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1956 में इसी अवसर पर बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने नागपुर में लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धम्म की दीक्षा ग्रहण की थी।
बुद्ध के उपदेश मानव कल्याण के लिए महत्वपूर्ण
उज्जैन संभाग अध्यक्ष सिद्धनाथ सिंह बौद्ध ने तथागत बुद्ध वंदना एवं पंचशील का पाठ करवाया। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध के उपदेश संपूर्ण मानव समाज और जीव-जंतुओं के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण हैं। उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज में शांति, अहिंसा, करुणा और समानता की भावना को मजबूत किया जा सकता है।
वरिष्ठ समाजसेवी कैलाश मालवीय ने अपने संबोधन में कहा कि सम्राट अशोक ने विजय को धम्म विजय में परिवर्तित कर धम्म के प्रचार-प्रसार को प्राथमिकता दी। उन्होंने ऐतिहासिक विरासत और महापुरुषों के योगदान को उचित महत्व देने की आवश्यकता पर बल दिया।
शिक्षित एवं नशामुक्त समाज बनाने पर जोर
अजाक्स जिला अध्यक्ष कैलाश सूर्यवंशी ने कहा कि महापुरुषों के विचारों को आत्मसात करते हुए समाज को शिक्षित एवं नशामुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए। वहीं, अंबेडकरवादी राधेश्याम मेवाड़ा ने भारतीय संविधान में निहित सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक न्याय के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।
हाईकोर्ट अधिवक्ता नारायण सिंह बोडाना ने सभी को अशोक विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। जयस संगठन के संभागीय उपाध्यक्ष डॉ. रामेश्वर मंडलोई एवं धम्म प्रेमी हरिनारायण परमार ने भी अपने विचार रखते हुए तथागत बुद्ध के सिद्धांतों और महापुरुषों के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
समाजजन रहे उपस्थित
इस अवसर पर मालवा जनशक्ति वेलफेयर संगठन के संस्थापक अशोक मालवीय, एडवोकेट दीपक बंजारिया, उत्तम सिंह, कुणाल बंजारिया, बेबी आरोही सिलेरियो सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वक्ताओं ने सामाजिक समानता, शिक्षा, अहिंसा और मानव कल्याण के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया।
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