Arif Khan / Sun, Nov 23, 2025 / Post views : 81
कारर्वाई करते प्रशासनिक अमला[/caption]
दल को ग्राम सिया में एक 13 वर्षीय बालिका का विवाह होने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही दल, जिसमें परियोजना अधिकारी मनीषा चौबे, नायब तहसीलदार अरुण चंद्रवंशी, और पुलिस अमला शामिल था, तुरंत गांव पहुँचा। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और ग्राम कोटवार के साथ बालिका के घर जाकर मामले की जानकारी ली। जाँच में पाया गया कि बालिका नाबालिग है और कक्षा नौवीं में अध्ययनरत है। दल ने बालिका के माता-पिता को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों और कम उम्र में विवाह के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से बताया। गहन समझाइश के बाद, माता-पिता ने अपनी सहमति दी और यह आश्वासन दिया कि वे बालिका का विवाह उसकी उम्र 18 वर्ष पूर्ण होने के पश्चात ही करेंगे।
परियोजना अधिकारी मनीषा चौबे ने इस अवसर पर मैदानी अमले को निर्देश दिए कि वे भविष्य में भी गांव में बाल विवाह होने की किसी भी सूचना पर तुरंत कार्रवाई करें और प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित करें।
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