Arif Khan / Tue, Mar 3, 2026 / Post views : 124
स्वच्छता निरीक्षक श्री बसंत डुलगज ने जानकारी देते हुए कहा कि मंदिरों से निकलने वाले पुष्पों का पुनर्चक्रण कर उपयोगी उत्पाद तैयार करना “वेस्ट टू वेल्थ” की अवधारणा को साकार करता है। रासायनिक रंगों से होने वाले दुष्प्रभावों को देखते हुए हर्बल गुलाल का उपयोग समय की आवश्यकता है।
नगर पालिका परिषद आगर द्वारा समस्त नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे स्वच्छ, सुरक्षित एवं पर्यावरण अनुकूल होली मनाते हुए इस सराहनीय पहल में सक्रिय सहभागिता निभाएँ।
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