Arif Khan / Fri, Feb 20, 2026 / Post views : 119
हालांकि, मंडी से जुड़े कई किसानों और श्रमिकों का कहना है कि केवल बारिश की संभावना के आधार पर अवकाश घोषित करना समझ से परे है। उनका तर्क है कि मंडी परिसर में वर्षा से बचाव के लिए शेड और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से उपलब्ध हैं। ऐसे में बिना वास्तविक स्थिति देखे मंडी बंद करना उचित नहीं माना जा सकता।
मंडी से प्रतिदिन सैकड़ों किसानों, छोटे व्यापारियों, हम्मालों और परिवहन से जुड़े लोगों का रोजगार चलता है। एक दिन का अवकाश भी इन लोगों की आय पर सीधा असर डालता है। किसानों का कहना है कि फसल कटाई के इस व्यस्त समय में मंडी बंद होने से उनकी उपज की बिक्री प्रभावित होगी और आर्थिक दबाव बढ़ेगा।
अब देखना होगा कि प्रशासन भविष्य में ऐसे निर्णय लेते समय मंडी से जुड़े सभी पक्षों की आजीविका और उपलब्ध व्यवस्थाओं को किस हद तक ध्यान में रखता है। फिलहाल, मंडी के इस फैसले को लेकर क्षेत्र में चर्चा और असंतोष का माहौल बना हुआ है।
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