Arif Khan / Tue, Jan 20, 2026 / Post views : 227
ग्रामीण द्वारा दिया आवेदक[/caption]
प्रेम नारायण यादव ने कहा कि जिला स्तर पर आवेदन देने के बाद भी कई मामलों में कोई कार्रवाई नहीं होती। जनसुनवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है, जबकि यदि अधिकारी अपने कार्यालयों में नियमित रूप से कार्य करें तो जनसुनवाई की आवश्यकता ही नहीं पड़े।
आवेदक ने कलेक्टर से निवेदन किया है कि पूर्व में हुई जनसुनवाइयों के आवेदनों की समीक्षा कर यह देखा जाए कि कितने मामलों का वास्तव में निराकरण हुआ है। साथ ही जनहित को ध्यान में रखते हुए जनसुनवाई की व्यवस्था को बंद करने पर विचार किया जाए।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मांग पर क्या रुख अपनाता है और जनसुनवाई व्यवस्था में कोई बदलाव किया जाता है या नही।
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