Arif Khan / Mon, Feb 2, 2026 / Post views : 119
बाबा उमाकान्त जी महाराज ने नाम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नाम दो प्रकार के होते हैं—वर्णनात्मक और ध्वन्यात्मक। वर्तमान समय का वर्णनात्मक नाम *“जयगुरुदेव”* है। इस नाम का नियमित रूप से सुबह-शाम उच्चारण करने से कष्ट दूर होते हैं, कर्म कटते हैं और विपत्ति में रक्षा होती है। उन्होंने कहा कि ध्वन्यात्मक नाम समरथ गुरु से नामदान के समय प्राप्त होते हैं, जिनके अभ्यास से अंतर में प्रकाश होता है और प्रभु का दर्शन संभव होता है।
सुख-शांति और बरकत के संबंध में उन्होंने कहा कि साधना के लिए गृहस्थ जीवन छोड़ने की आवश्यकता नहीं है। परिवार के साथ रहते हुए, सतसंग सुनते हुए और *जयगुरुदेव* नाम का जप करते रहने से घर में संतोष, शांति और समृद्धि बनी रहती है। ईमानदारी और मेहनत की कमाई से ही बरकत आती है, जबकि बेईमानी और हिंसा से अर्जित धन नष्ट हो जाता है।
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