आगर मालवा। नगर के वार्ड क्रमांक 01 स्थित अर्जुन नगर कॉलोनी में शासकीय नालियों एवं आरसीसी सड़क को तोड़कर किए जा रहे अतिक्रमण का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। कॉलोनी के कुछ रहवासियों द्वारा अपने-अपने मकानों के सामने चबूतरे एवं शौचालय का निर्माण कर सार्वजनिक भूमि पर कब्जा किए जाने से क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है।

वार्डवासियों के अनुसार यह स्थिति हनुमान मंदिर से शुरू होकर मल मोहल्ला वाली गली तक और जसवंत के मकान तक बनी हुई है। इस पूरे मार्ग में जगह-जगह नालियां तोड़ दी गई हैं और सड़क की चौड़ाई कम कर दी गई है, जिससे आम नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
जल निकासी व्यवस्था ठप, सड़क हुई संकरी
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि शासकीय धन से निर्मित नालियां और आरसीसी सड़क आमजन की सुविधा के लिए बनाई गई थीं, लेकिन निजी स्वार्थ के चलते उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया गया। नालियों के टूटने से जल निकासी व्यवस्था बाधित हो गई है और बारिश के समय पानी सड़कों पर भरने की आशंका बढ़ गई है।
सड़क के दोनों ओर किए गए अवैध निर्माण से मार्ग इतना संकरा हो गया है कि दोपहिया वाहन निकालना भी मुश्किल हो रहा है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सीएमओ को सौंपा गया आवेदन
मामले की गंभीरता को देखते हुए वार्डवासियों ने नगर पालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) को लिखित शिकायती आवेदन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में अतिक्रमण हटाने, क्षतिग्रस्त नालियों की मरम्मत एवं सड़क का पुनर्निर्माण कराने की मांग की गई है।

नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो समस्या और विकराल रूप ले सकती है। उन्होंने चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में वे उच्च स्तर पर शिकायत कर आंदोलन भी करेंगे।
फायर ब्रिगेड के लिए चुनौती बना अतिक्रमण
भविष्य में अगर इस वार्ड नंबर 01अर्जुन नगर में आगजनी होती है। तो प्रशासन चाह कर भी आग पर काबू नहीं पा सकेगा क्योंकि कहा से अंदर जायेगी फायर ब्रिगेड सड़कों पर तो अतिक्रमण कर रखा है।
क्या नगर पालिका प्रशासन करेगा अब करवाई
अब देखना यह है कि नगर पालिका प्रशासन इस पूरे मामले में कितनी गंभीरता दिखाता है और हनुमान मंदिर से लेकर मल मोहल्ला गली एवं जसवंत के मकान तक फैले अतिक्रमण पर कब तक प्रभावी कार्रवाई होती है। वार्डवासियों की नजरें अब प्रशासन पर टिकी हुई हैं।