Arif Khan / Fri, Sep 11, 2026 / Post views : 31
आगर-मालवा। जिले में हाईवे और मुख्य मार्गों पर गोवंश के बैठने से लगातार दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। कुछ दिन पहले आमला गांव के पास हाईवे पर बैठे गोवंश को ट्रक ने टक्कर मार दी थी, जिसमें कई गायों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद भी शुक्रवार को उसी स्थान पर गोवंश का झुंड सड़क पर बैठा नजर आया। हैरानी की बात यह है कि मौके पर गोवंश को सड़क से हटाने वाला कोई जिम्मेदार नजर नहीं आया।
इधर, प्रशासन द्वारा कुछ दिन पहले ही पशुपालकों और गौशाला संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि कोई भी गोवंश मुख्य सड़क या हाईवे पर न बैठे और यातायात बाधित न हो। कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीना ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में हाईवे एवं मुख्य मार्गों से लगे गांवों की गौशालाओं के संचालकों तथा सरपंचों की बैठक लेकर इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए थे।
कलेक्टर ने कहा था कि सभी पशुपालक और गौशाला संचालक यह सुनिश्चित करें कि उनका गोवंश मुख्य मार्गों पर न आए। साथ ही शत-प्रतिशत निराश्रित गोवंश का पशुधन पोर्टल पर पंजीयन एवं टैगिंग कराने, सुरक्षा की दृष्टि से सींगों पर रेडियम रिफ्लेक्टर लगाने तथा गौशालाओं में अतिरिक्त गोवंश रखने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए थे।
बैठक में गौशाला संचालकों को 50-50 अतिरिक्त गोवंश रखने की व्यवस्था करने के लिए कहा गया था। वहीं नवनिर्मित गौशालाओं का तत्काल संचालन शुरू करने के निर्देश भी संबंधित सरपंचों को दिए गए थे। हाईवे पर पशुधन की सुरक्षा के लिए आमला में एक वाहन और दो कर्मचारियों की तैनाती के निर्देश भी दिए गए थे।
पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी ने भी हाईवे से लगे गांवों में पशुपालकों से संवाद कर गोवंश को सड़कों पर नहीं छोड़ने के लिए जागरूक करने तथा गोवंश के सड़क पर बैठने वाले स्थानों को हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित करने की बात कही थी। आमला में पुलिस चौकी स्थापित कर अमला तैनात करने और राहवीर योजना के प्रचार-प्रसार की बात भी बैठक में कही गई थी।
लेकिन प्रशासनिक निर्देशों के बावजूद आमला के उसी स्थान पर दोबारा गोवंश का सड़क पर झुंड बनाकर बैठना कई सवाल खड़े कर रहा है। कुछ दिन पहले इसी जगह हुई दर्दनाक घटना में कई गायों की जान चली गई थी। इसके बावजूद आज फिर गोवंश सड़क पर बैठा रहा और उन्हें हटाने या सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए मौके पर कोई जिम्मेदार दिखाई नहीं दिया।
अब सवाल यह है कि हादसे के बाद जारी निर्देशों का पालन आखिर कब होगा? क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है? प्रशासन द्वारा हाईवे के चिन्हित हॉटस्पॉट पर नियमित निगरानी और गोवंश को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की ठोस व्यवस्था किए जाने की जरूरत है, ताकि दोबारा बेजुबान पशुओं के साथ-साथ वाहन चालकों की जान भी खतरे में न पड़े।
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