Arif Khan / Mon, Sep 7, 2026 / Post views : 80
आगर मालवा। एक दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण मामले में नलखेड़ा निवासी 35 वर्षीय महिला की नाक में करीब 10 वर्षों से फंसा हुआ सोने का लोंग सफलतापूर्वक निकाल लिया गया। महिला को स्वयं भी इस बात की जानकारी नहीं थी कि करीब एक दशक पहले गुम हुआ उसका नाक का लोंग नाक के पिछले हिस्से में फंसा हुआ है।
लंबे समय तक नाक में बाहरी वस्तु (Foreign Body) फंसे रहने के कारण महिला को नाक और मुंह से बार-बार रक्तस्राव की समस्या हो रही थी। समस्या से राहत नहीं मिलने पर महिला ने कई चिकित्सकों से उपचार भी करवाया, लेकिन परेशानी बनी रही।
इसके बाद महिला ने मां पीतांबरा हॉस्पिटल में नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक पाटीदार से परामर्श लिया। जांच के दौरान नाक के अंदर लंबे समय से फंसे सोने के लोंग का पता चला। लंबे समय तक फंसे रहने के कारण उसमें सड़न भी शुरू हो गई थी।
स्थिति को देखते हुए डॉ. अभिषेक पाटीदार ने Nasal Endoscopy (दूरबीन) की सहायता से अत्यंत सावधानीपूर्वक ऑपरेशन किया। एंडोस्कोपिक तकनीक के माध्यम से नाक में फंसे सोने के लोंग को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया गया।
ऑपरेशन के बाद महिला की स्थिति संतोषजनक बताई गई। डॉ. पाटीदार ने बताया कि नाक में किसी भी प्रकार की बाहरी वस्तु लंबे समय तक फंसी रहने से संक्रमण, रक्तस्राव और अन्य गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। ऐसी वस्तु के सांस की नली अथवा खाने की नली में जाने का भी खतरा रहता है। इसलिए नाक में किसी बाहरी वस्तु के फंसने की स्थिति में तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सक से जांच और उपचार कराना आवश्यक है।
डॉ. अभिषेक पाटीदार ने महिलाओं से अपील की कि वे ढीली नोज पिन, झुमके या अन्य छोटे आभूषणों की नियमित रूप से जांच करती रहें। लेटते समय अथवा अचानक हिलने-डुलने के दौरान आभूषणों को ठीक करने से बचना चाहिए। सुरक्षित फिटिंग वाले आभूषण पहनने तथा सोते समय और शारीरिक गतिविधियों के दौरान विशेष सावधानी बरतने से इस तरह की घटनाओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।
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