Arif Khan / Thu, Nov 5, 2026 / Post views : 67
आगर मालवा। उज्जैन लोकायुक्त की टीम ने गुरुवार को बड़ौद में बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी भगतसिंह चौहान और सुपरवाइजर जयश्री खींची को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। दोनों पर शिकायतकर्ता की पत्नी की सहायिका पद पर नियुक्ति कराने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार, बिनायगा बड़ौद निवासी बहादुर लोहार पिता नारायण सिंह लोहार ने 4 नवंबर को लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक उज्जैन विनोद कुमार दीक्षित से शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया था कि उसकी पत्नी रामू की महिला एवं बाल विकास परियोजना में सहायिका पद पर नियुक्ति कराने के बदले परियोजना अधिकारी भगतसिंह चौहान और सुपरवाइजर जयश्री खींची द्वारा 80 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। शिकायतकर्ता द्वारा इतनी राशि देने में असमर्थता जताने पर परियोजना अधिकारी 60 हजार रुपये लेने के लिए तैयार हो गया था।
योजना के तहत गुरुवार को रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 30 हजार रुपये देना तय हुआ। जैसे ही शिकायतकर्ता ने दोनों अधिकारियों को राशि दी, पहले से तैयार लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए परियोजना अधिकारी भगतसिंह चौहान और सुपरवाइजर जयश्री खींची को रंगे हाथों पकड़ लिया।
यह कार्रवाई लोकायुक्त संगठन के महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देशन, उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह एवं लोकायुक्त उज्जैन के पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार दीक्षित के मार्गदर्शन में की गई।
ट्रैप कार्रवाई में डीएसपी दिनेशचंद पटेल, निरीक्षक हीना डावर, प्रधान आरक्षक हितेश ललावत, आरक्षक शिव कुमार शर्मा, संदीप राव कदम, विशाल रेशमिया, सहायक ग्रेड-3 रश्मि महेश्वरी एवं सुनीता चौधरी सहित लोकायुक्त टीम के सदस्य शामिल रहे।
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