Express Samachar / Tue, Aug 4, 2026 / Post views : 69
रिपोर्टर जहीर उद्दीन आगर मालवा।
एक्सप्रेस समाचार।
शासकीय नाली तोड़कर निर्माण का आरोप, आवेदन देने के बावजूद जिम्मेदार मौन।
आगर-मालवा। नगर पालिका परिषद आगर की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। वार्ड क्रमांक-01 अर्जुन नगर में शासकीय नाली एवं सड़क पर कथित अतिक्रमण की शिकायत किए जाने के बाद भी आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से वार्डवासियों में भारी नाराजगी है। रहवासियों का आरोप है कि शिकायतों और ज्ञापनों के बावजूद अतिक्रमण लगातार बढ़ता गया, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने रहे।
वार्डवासियों द्वारा मुख्य नगरपालिका अधिकारी को दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया था कि कुछ लोगों ने शासकीय नाली तोड़कर उस पर चबूतरा, पानी टैंक तथा भवन निर्माण कर लिया है। इससे न केवल जल निकासी व्यवस्था प्रभावित हुई है, बल्कि आम नागरिकों के आवागमन में भी बाधा उत्पन्न हो रही है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि यदि भविष्य में क्षेत्र में आगजनी या कोई अन्य आपातकालीन स्थिति उत्पन्न होती है, तो संकरी हो चुकी सड़क और अतिक्रमण के कारण दमकल एवं राहत वाहन समय पर नहीं पहुंच पाएंगे, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है।
रहवासियों ने बताया कि इस संबंध में 05 मार्च 2026 को नगर पालिका में लिखित आवेदन दिया गया था। आवेदन की प्रतिलिपि नगरीय प्रशासन मंत्री तथा कलेक्टर आगर-मालवा को भी भेजी गई थी। इसके बावजूद अब तक अतिक्रमण हटाने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
जनता के सवाल -
क्या नगर पालिका के आदेश केवल कागजों तक सीमित हैं?
शासकीय नाली और सड़क पर निर्माण करने वालों पर कार्रवाई कब होगी?
क्या नियम-कानून आम नागरिकों के लिए ही हैं?
वार्डवासियों ने नवागत कलेक्टर एवं नगर पालिका परिषद से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर शासकीय भूमि एवं नाली पर हुए अतिक्रमण को तत्काल हटाया जाए, ताकि आम नागरिकों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
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